खाता (होल्डिंग) एक ही काश्तकारी के अधीन रखी गई ज़मीन के भूखंडों का समूह है, और खतौनी में हर खाते के भूखंड और उनके धारक दर्ज होते हैं। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 के अनुसार खतौनी में सभी भूमिधारकों के नाम, उनके प्लॉट नंबर और क्षेत्रफल लिखे जाते हैं। UP भूलेख पोर्टल पर खतौनी "खाता संख्या" और "खातेदार के नाम" से भी खोजी जाती है।
Khata (Holding) क्या है?
खाता (होल्डिंग) एक ही काश्तकारी के अधीन रखी गई ज़मीन के भूखंडों का समूह है। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 में होल्डिंग की परिभाषा है: "a parcel of lands held under one tenure or one lease, engagement or grant"। खाता संख्या खतौनी में ऐसे एक खाते की संख्या है।
Khatauni हर Khata के बारे में क्या दर्ज करती है
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 31 के अनुसार खतौनी में तीन मुख्य विवरण दर्ज होते हैं। ये विवरण नीचे दिए गए हैं।
- भूमिधारकों के नाम — उनके प्लॉट नंबर और क्षेत्रफल के साथ।
- हित की प्रकृति — हिस्सेदारों के हिस्से (shares) सहित।
- सरकारी भूमि का विवरण — राज्य सरकार, केंद्र सरकार, ग्राम पंचायत या स्थानीय निकाय की भूमि।
धारा 31 के अनुसार खतौनी हर गाँव के लिए कलेक्टर रखते हैं।
Khatedar कौन होता है?
खातेदार वह भूमिधारक है जिसका नाम खतौनी के खाते में दर्ज है। धारा 31 के अनुसार खतौनी में सभी भूमिधारकों के नाम उनके प्लॉट नंबर के साथ लिखे जाते हैं। भूलेख पोर्टल पर आम तौर पर "खातेदार के नाम द्वारा खोजें" विकल्प मिलता है, और इसका तरीका find khatauni by name पेज पर है।
Khata Number से Khatauni कैसे खोजें
खाता संख्या से खतौनी "खाता संख्या द्वारा खोजें" विकल्प चुनकर देखी जाती है। इस खोज के चरण khatauni by khata number पेज पर दिए गए हैं।
Kisan Bahi क्या है?
किसान बही भूमिधारक की पासबुक है, जिसमें ज़िले के उसके सभी खाते एक साथ दर्ज होते हैं। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 41 के अनुसार किसान बही "a consolidated pass-book for all the holdings held by a tenure-holder in the district" है।
क्या Khatauni की प्रविष्टियाँ कानूनी रूप से मान्य हैं?
हाँ, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 40 के अनुसार संहिता के अनुसार बनी खतौनी की प्रविष्टियाँ तब तक सत्य मानी जाती हैं जब तक इसके विपरीत साबित न हो। यह जानकारी कानूनी सलाह नहीं है।