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UP में Dakhil Kharij (Namantaran) की पूरी जानकारी

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दाखिल-ख़ारिज (नामांतरण) ज़मीन के हस्तांतरण या उत्तराधिकार के बाद खतौनी में नाम बदलने की प्रक्रिया है। हस्तांतरण की सूचना तहसीलदार को दी जाती है, और तहसीलदार उद्घोषणा जारी करके जाँच करता है। तहसीलदार के आदेश के ख़िलाफ़ 30 दिन के भीतर उप-ज़िलाधिकारी के पास अपील होती है।

dakhil kharij mutation process in UP

Dakhil Kharij क्या है?

दाखिल-ख़ारिज (नामांतरण) ज़मीन के हस्तांतरण या उत्तराधिकार के बाद खतौनी में नाम बदलने की प्रक्रिया है। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 35 का शीर्षक "Mutation in cases of succession or transfer" है। UP Bhulekh पोर्टल पर भूखंड की "नामांतरण बही" गाटा के यूनीक कोड से देखी जाती है।

Mutation प्रक्रिया के चरण

Mutation (नामांतरण) की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 34 और 35 के चार चरणों में होती है। ये चरण नीचे दिए गए हैं।

  1. सूचना दें हस्तांतरण की तहसीलदार को (धारा 34)।
  2. उद्घोषणा जारी होती है और तहसीलदार ज़रूरी जाँच करता है (धारा 35)।
  3. संशोधित होती है खतौनी, अगर मामला विवादित नहीं है; विवादित मामले में तहसीलदार निर्णय करता है (धारा 35)।
  4. अपील करें उप-ज़िलाधिकारी के पास आदेश की तारीख़ से 30 दिन के भीतर (धारा 35(2))।

Transfer किसे माना जाता है?

उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 34 में हस्तांतरण में पारिवारिक समझौता (family settlement) भी शामिल है। हस्तांतरण से ज़मीन का कब्ज़ा पाने वाला व्यक्ति इसकी सूचना तहसीलदार को देता है।

Registered Sale और Tahsildar

ज़मीन का विक्रय विलेख पंजीकृत होने पर पंजीकरण अधिकारी संबंधित Tahsildar (तहसीलदार) को सूचना भेजता है। यह नियम उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 36(1) में है। धारा 36(2) के अनुसार नामांतरण दर्ज होने से पहले ज़मीन का अब तक का बकाया भू-राजस्व जमा होना चाहिए। भूखंड की विक्रय स्थिति देखने का तरीका plot sale status पेज पर है।

Plot के Mutation विवरण कैसे देखें

भूखंड की Mutation (नामांतरण) जानकारी UP Bhulekh पोर्टल पर गाटा के यूनीक कोड से "नामांतरण बही" में देखी जाती है। नामांतरण की तारीख़ से खतौनी खोजने का तरीका khatauni by mutation date पेज पर है।

Varasat vs Dakhil Kharij

Dakhil Kharij (दाखिल-ख़ारिज) हस्तांतरण के बाद का नामांतरण है, जबकि Varasat (वरासत) उत्तराधिकार की प्रविष्टि है। हस्तांतरण की सूचना धारा 34 के तहत तहसीलदार को जाती है, और उत्तराधिकार की सूचना धारा 33 के तहत राजस्व निरीक्षक को जाती है। उत्तराधिकार वाली प्रक्रिया का विवरण varasat online in UP पेज पर है।

यह कानूनी सलाह नहीं है।