UP में खतौनी, खसरा या नक्शे की गलती के सुधार का आवेदन तहसीलदार को दिया जाता है। तहसीलदार जाँच करके मामला नक्शे के सुधार में कलेक्टर को और अन्य सुधार में उप-ज़िलाधिकारी को भेजता है। निर्णय के ख़िलाफ़ 30 दिन के भीतर कमिश्नर के पास अपील होती है।
Khatauni Correction के लिए आवेदन कहाँ करें
Khatauni (खतौनी), खसरा या नक्शे की गलती के Correction (सुधार) का आवेदन तहसीलदार को दिया जाता है। यह नियम उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 38(1) में है।
Correction प्रक्रिया के चरण
Correction (सुधार) की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 38 के चार चरणों में होती है। ये चरण नीचे दिए गए हैं।
- आवेदन दें तहसीलदार को।
- जाँच करता है तहसीलदार और रिपोर्ट के साथ मामला आगे भेजता है।
- निर्णय करता है कलेक्टर (नक्शे का सुधार) या उप-ज़िलाधिकारी (अन्य सुधार)।
- अपील करें कमिश्नर के पास आदेश की तारीख़ से 30 दिन के भीतर।
छोटी निर्विवाद गलतियाँ
खतौनी या खसरा की निर्विवाद गलती राजस्व निरीक्षक भी सुधार सकता है। यह प्रावधान उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 38(6) में है।
क्या Correction से स्वामित्व का विवाद सुलझता है?
नहीं, धारा 38 के तहत Correction (सुधार) की शक्ति में स्वामित्व (title) के विवाद का निर्णय शामिल नहीं है। यह कानूनी सलाह नहीं है।
Correction से पहले बकाया Land Revenue
धारा 36(2) के अनुसार Correction (सुधार) का आदेश दर्ज होने से पहले ज़मीन का अब तक का बकाया भू-राजस्व जमा होना चाहिए।