UP के भूमि अभिलेखों में लेखपाल गाँव के अभिलेख तैयार करता है, तहसीलदार नामांतरण करता है और उप-ज़िलाधिकारी (SDM) अपील और सुधार के मामले तय करता है। राजस्व निरीक्षक अभिलेखों की देखरेख करता है, और कलेक्टर हर गाँव की खतौनी रखता है। ये भूमिकाएँ उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 में दी गई हैं।
भूमिकाएँ एक नज़र में
UP भूमि अभिलेखों के पाँच राजस्व अधिकारियों की भूमिकाएँ नीचे की तालिका में हैं।
| Official | Role in land records | धारा (राजस्व संहिता, 2006) |
|---|---|---|
| Lekhpal (लेखपाल) | गाँव के अभिलेख तैयार करना, रखना और सुधारना | धारा 16 |
| Revenue Inspector (राजस्व निरीक्षक) | गाँव के अभिलेखों की देखरेख और सुधार; निर्विवाद वरासत दर्ज करना | धारा 16, 33 |
| Tahsildar (तहसीलदार) | नामांतरण की उद्घोषणा और जाँच; सुधार के आवेदन लेना | धारा 35, 38 |
| SDO / SDM (उप-ज़िलाधिकारी) | अभिलेखों में बदलाव दर्ज करना; नामांतरण की अपील; नक्शे के अलावा सुधार तय करना | धारा 32, 35, 38 |
| Collector (कलेक्टर) | हर गाँव की खतौनी रखना; नक्शे में सुधार का आदेश | धारा 31, 32 |
Khatauni में बदलाव कौन दर्ज करता है
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 32 के अनुसार उप-ज़िलाधिकारी, तहसीलदार या राजस्व निरीक्षक Khatauni (खतौनी), खसरा और नक्शे के सभी बदलाव दर्ज करते हैं।
Map की गलतियाँ कौन सुधारता है
Map (नक्शे) में सुधार का आदेश केवल कलेक्टर देता है; यह धारा 32 के परंतुक में है। खतौनी के सुधार की पूरी प्रक्रिया khatauni correction पेज पर है।